आध्यात्मिकता और मोक्ष कुंडली के 9वें (धर्म), 12वें (मोक्ष), और केतु की स्थिति से जानी जा सकती है।...
आध्यात्मिकता और मोक्ष कुंडली के 9वें (धर्म), 12वें (मोक्ष), और केतु की स्थिति से जानी जा सकती है।
9वें भाव में गुरु। 12वें भाव में केतु। केतु बलवान। गुरु-केतु योग। शुक्र-गुरु योग। 5वें भाव में पुण्य।
जप-तप (5वें भाव), योग-ध्यान (12वें), भक्ति (9वें), ज्ञान (4-9), कर्म योग (10वें)। ग्रहों से पता।
गुरु ग्रह बलवान। 9वें भाव में शुभ ग्रह। केतु से गुरु का संबंध। गुरु की दशा। पूर्व जन्म संस्कार।
नित्य ध्यान, सत्संग। मंत्र जप 108 बार रोज। गीता पाठ। संत समागम। एकांत में ध्यान।
12वें भाव में केतु। संसार के प्रति वैराग्य। ध्यान में गहरा अनुभव। निष्काम कर्म। आत्म-साक्षात्कार के अनुभव।