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भाई-बहन का योग

भाई-बहन का योग कुंडली के 3रे भाव (छोटे भाई-बहन), 11वें भाव (बड़े भाई-बहन), और मंगल (भाई-बहन कारक) से देखा जाता है।...

भाई-बहन का योग कुंडली के 3रे भाव (छोटे भाई-बहन), 11वें भाव (बड़े भाई-बहन), और मंगल (भाई-बहन कारक) से देखा जाता है।

भाई-बहन के मुख्य कारक

3रा भाव — छोटे भाई-बहन। 11वां भाव — बड़े भाई-बहन। मंगल — भाई-बहन कारक ग्रह। 3रे/11वें के स्वामी की स्थिति।

भाई-बहन की संख्या

3रे/11वें भाव में जितने ग्रह — उतनी संख्या का अनुमान। शुभ ग्रह — कम लेकिन अच्छे। पाप ग्रह — अधिक संख्या लेकिन विवाद।

भाई-बहन से संबंध

3रे/11वें में शुभ ग्रह — मधुर संबंध। पाप ग्रह — विवाद, दूरी। मंगल बलवान — साहसी भाई-बहन। शनि — बड़ी आयु अंतर।

भाई-बहन से सहयोग

11वें भाव बलवान — लाभकारी संबंध। 3रे भाव में शुभ ग्रह — सहयोगी छोटे। मंगल-गुरु योग — आदर्श संबंध।

संबंध सुधारने के उपाय

मंगल मंत्र: 'ॐ अं अंगारकाय नमः'। मंगलवार दान। संयुक्त परिवार पूजा। हनुमान चालीसा साथ पाठ। श्री रामचरितमानस।

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