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दीवाली ज्योतिष

दीवाली हिंदू धर्म का सबसे शुभ त्योहार — ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण। इस रात देवी लक्ष्मी के पूजन से धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती ...

दीवाली हिंदू धर्म का सबसे शुभ त्योहार — ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण। इस रात देवी लक्ष्मी के पूजन से धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

दीवाली का ज्योतिषीय महत्व

दीवाली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है — जब चंद्रमा पूर्ण रूप से अदृश्य होता है। यह दिन अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। ज्योतिषीय दृष्टि से, यह रात नई शुरुआत, धन संचय और लक्ष्मी कृपा के लिए सबसे शक्तिशाली मानी जाती है।

लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त

दीवाली पर लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ समय 'प्रदोष काल' होता है — सूर्यास्त के तुरंत बाद। 'स्थिर लग्न' (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) में पूजन सर्वोत्तम। शुभ चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ) में लक्ष्मी आहूत होती हैं।

सभी राशियों के लिए दीवाली

मेष: नए व्यापारिक अवसर। वृषभ: स्थायी धन प्राप्ति। मिथुन: तकनीकी निवेश। कर्क: पारिवारिक संपत्ति। सिंह: उच्च पदस्थ अवसर। कन्या: सेवा क्षेत्र में लाभ। तुला: साझेदारी सफलता। वृश्चिक: छुपे धन प्राप्ति। धनु: विदेशी अवसर। मकर: दीर्घकालिक संपत्ति। कुंभ: नवीन तकनीक। मीन: आध्यात्मिक धन।

दीवाली पर महत्वपूर्ण मंत्र

लक्ष्मी मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः'। गणेश मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः'। कुबेर मंत्र: 'ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं कुबेराय नमः'।

दीवाली के दिन क्या करें

घर के मुख्य द्वार पर रंगोली। दक्षिण-पश्चिम दिशा में लक्ष्मी पूजन। तिजोरी में चांदी का सिक्का। 11 दीप जलाएं। नई वस्त्र पहनें। दान-पुण्य अवश्य करें। पीपल वृक्ष की प्रदक्षिणा।