गुरु (बृहस्पति) — ज्ञान, धर्म, भाग्य का कारक। शुभ ग्रह में सर्वश्रेष्ठ। कुंडली में गुरु की स्थिति भाग्य तय करती है।...
गुरु (बृहस्पति) — ज्ञान, धर्म, भाग्य का कारक। शुभ ग्रह में सर्वश्रेष्ठ। कुंडली में गुरु की स्थिति भाग्य तय करती है।
शुभ, ज्ञानी, बड़ा। गुरु, संत, धर्म, दर्शन। संतान कारक। पति कारक (स्त्री कुंडली)। संपत्ति वर्धक। आशीर्वाद देने वाला।
उच्च कर्क (Cancer) में। केंद्र-त्रिकोण में। 5वें-9वें-11वें भाव में। अपनी राशि धनु/मीन में। बलवान दृष्टि।
नीच मकर (Capricorn) में। 6/8/12 भाव में। पाप ग्रह संग। अस्त। शनि-राहु से दृष्ट।
अच्छा — ज्ञान, धन, बच्चे, धर्म, भाग्य, सम्मान। बुरा — झूठा ज्ञान, ढोंगी, भ्रम, अधिक उदारता।
गुरुवार व्रत। पीले वस्त्र। हल्दी, चना दाल दान। 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'। गायत्री मंत्र। पीपल वृक्ष की पूजा। ब्राह्मण भोज।