जुड़वा संतान कुंडली के 5वें भाव, बुध, गुरु की विशेष स्थितियों से जानी जा सकती है।...
जुड़वा संतान कुंडली के 5वें भाव, बुध, गुरु की विशेष स्थितियों से जानी जा सकती है।
5वें भाव में बुध-गुरु युति। बुध मिथुन/कन्या में। पंचमेश का दोहरा प्रभाव। 5वें भाव से युति में दो ग्रह।
बुध की द्विस्वभाव राशियां जुड़वा जन्म का संकेत देती हैं। 5वें भाव में मिथुन/कन्या/धनु/मीन राशि भी।
चंद्र-बुध का योग मनोवैज्ञानिक रूप से जुड़वा बच्चों की संभावना दर्शाता है। चंद्र का मिथुन/कन्या में होना।
जुड़वा बच्चे आनुवांशिक भी होते हैं। परिवार में जुड़वा का इतिहास होने से कुंडली में संकेत मजबूत होते हैं।
गोपाल कृष्ण की पूजा। संतान गोपाल मंत्र। हरिवंश पुराण पाठ। पीपल की पूजा। गुरुवार व्रत।