रत्न (मणि/स्टोन) कुंडली के अनुकूल ग्रह को मजबूत करने के लिए पहना जाता है। गलत रत्न हानिकारक भी हो सकता है।...
रत्न (मणि/स्टोन) कुंडली के अनुकूल ग्रह को मजबूत करने के लिए पहना जाता है। गलत रत्न हानिकारक भी हो सकता है।
माणिक — सूर्य। मोती — चंद्र। मूंगा — मंगल। पन्ना — बुध। पुखराज — गुरु। हीरा — शुक्र। नीलम — शनि। गोमेद — राहु। लहसुनिया — केतु।
लग्नेश का रत्न सर्वश्रेष्ठ। योगकारक ग्रह का रत्न। केंद्र-त्रिकोण के स्वामी का रत्न। कमजोर शुभ ग्रह को बल देने के लिए। पाप ग्रह का रत्न कभी न पहनें।
सही धातु में (सूर्य-तांबा/सोना, चंद्र-चांदी, गुरु-सोना, शनि-लोहा/स्टील)। सही उंगली, सही दिन, शुभ मुहूर्त। न्यूनतम वजन (1.5-2 कैरेट)। शुद्ध रत्न।
किसी भी रत्न को पहनने से पहले — कुंडली विश्लेषण आवश्यक। 7-15 दिन का परीक्षण। यदि स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति बिगड़े — तुरंत हटा दें।
रुद्राक्ष, यंत्र, मंत्र, दान, उपवास — सभी ग्रह शांति के सुरक्षित उपाय। रत्न से बेहतर मंत्र-दान। प्राकृतिक उपायों से शुरू करें।
केवल आपकी कुंडली का सटीक विश्लेषण इस प्रश्न का सही उत्तर दे सकता है।
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