मांगलिक (कुज) दोष — मंगल की कुछ विशेष स्थितियों से उत्पन्न। विवाह में देरी, संघर्ष की संभावना। पर कई कैंसल नियम भी हैं।...
मांगलिक (कुज) दोष — मंगल की कुछ विशेष स्थितियों से उत्पन्न। विवाह में देरी, संघर्ष की संभावना। पर कई कैंसल नियम भी हैं।
मंगल यदि कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8, या 12वें भाव में हो — व्यक्ति मांगलिक। विशेष रूप से 7वें और 8वें भाव में बहुत प्रभावी।
उच्च मांगलिक — 7वें/8वें भाव में। मध्यम — 1/4/12 में। कम — 2रा में। मेष, वृश्चिक राशि (मंगल की) में मंगल कम हानिकारक।
बहुत महत्वपूर्ण — कैंसल अप्पाय रूल्स: (1) दोनों मांगलिक — पूर्ण कैंसल (2) मंगल कर्क/सिंह/धनु/मकर/मीन में (3) शुभ ग्रह की दृष्टि (4) 30 वर्ष से पहले विवाह न हो (5) नीच का मंगल।
मांगलिक का असली प्रभाव कुंडली की समग्र शक्ति पर निर्भर। मांगलिक पार्टनर्स के साथ कई सफल विवाह। केवल पॉइंट 1 मानकर निर्णय न लें।
हनुमान चालीसा रोज 7 पाठ। मंगलवार लाल वस्त्र। लाल वस्तुएं (मसूर दाल, गुड़) दान। 'ॐ अंगारकाय नमः' 108 बार। कुंभ विवाह (पीपल/वट वृक्ष विवाह) पारंपरिक उपाय।
केवल आपकी कुंडली का सटीक विश्लेषण इस प्रश्न का सही उत्तर दे सकता है।
मुफ्त कुंडली बनाएं →