हिंदी · प्रश्न
हिंदी · ज्योतिषीय प्रश्न

मेरा प्रेम सफल?

प्रेम की सफलता कुंडली के 5वें भाव (प्रेम), 7वें भाव (विवाह), शुक्र-मंगल योग, और दशाओं पर निर्भर करती है।...

प्रेम की सफलता कुंडली के 5वें भाव (प्रेम), 7वें भाव (विवाह), शुक्र-मंगल योग, और दशाओं पर निर्भर करती है।

प्रेम सफलता के मुख्य योग

(1) 5वें-7वें भाव का परिवर्तन या युति (2) शुक्र-मंगल का योग (3) चंद्र-शुक्र की युति (4) नवांश में पारस्परिक स्थिति (5) दोनों कुंडलियों का मेल

प्रेम में बाधा के योग

5वें भाव में शनि (विलंब)। 7वें में राहु (अप्रत्याशित अंत)। शुक्र-शनि युति (ठंडक)। मंगल-राहु (हिंसा)। पंचमेश-सप्तमेश का 6/8/12 में होना।

प्रेम विवाह तक पहुंचने का योग

5वें और 7वें भाव के स्वामियों का स्पष्ट संबंध। शुक्र की स्थिति 7वें भाव से (पुरुष के लिए)। गुरु का 7वें भाव पर गोचर।

दोनों कुंडलियों का मिलान

केवल अपनी कुंडली से प्रेम सफलता का निर्धारण अधूरा। पार्टनर की कुंडली से 36 गुण मिलान आवश्यक। मांगलिक दोष, नाडी दोष की जांच।

प्रेम संबंध मजबूत करने के उपाय

शुक्रवार को मां लक्ष्मी पूजा। शुक्र मंत्र: 'ॐ शुं शुक्राय नमः'। शुक्रवार सफेद वस्त्र। अनार/सेब लाल फल का सेवन। मीठा खिलाना अच्छा।

अपनी पूर्ण कुंडली बनाएं

केवल आपकी कुंडली का सटीक विश्लेषण इस प्रश्न का सही उत्तर दे सकता है।

मुफ्त कुंडली बनाएं →