कुंडली कितनी अच्छी है — यह लग्नेश, 9वें-10वें भाव, राज योग, दोषों के संयोजन से तय होता है।...
कुंडली कितनी अच्छी है — यह लग्नेश, 9वें-10वें भाव, राज योग, दोषों के संयोजन से तय होता है।
लग्नेश का बल। 9वें भाव (भाग्य) की स्थिति। 10वें भाव (कर्म) का बल। केंद्र-त्रिकोण में शुभ ग्रह। राज योग।
लग्नेश केंद्र-त्रिकोण में। शुभ ग्रह केंद्र में। पाप ग्रह 3/6/11 (उपचय भाव) में। राज योग, धन योग सक्रिय।
लग्नेश 6/8/12 में। अधिक पाप ग्रह केंद्र-त्रिकोण में। दोष (मांगलिक, काल सर्प, साडे साती)। कमजोर सूर्य-चंद्र।
एक भाव या एक ग्रह से कुंडली नहीं देखी जाती। समग्र मूल्यांकन — सभी 9 ग्रह, 12 भाव, यंत्र (वर्ग कुंडली), दशा।
जो भी कुंडली हो — मंत्र, यंत्र, ध्यान, धार्मिक कार्य से सुधार संभव। 'ज्योतिष भविष्य के संकेत, बदलाव के मार्ग' देता है।