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पैतृक संपत्ति

पैतृक संपत्ति का योग कुंडली के 4थे भाव (संपत्ति/घर), 8वें भाव (विरासत), और संबंधित ग्रहों से देखा जाता है।...

पैतृक संपत्ति का योग कुंडली के 4थे भाव (संपत्ति/घर), 8वें भाव (विरासत), और संबंधित ग्रहों से देखा जाता है।

पैतृक संपत्ति के कारक

4था भाव — माता, सुख, संपत्ति, वाहन। 8वां भाव — विरासत, अप्रत्याशित धन। 11वां भाव — लाभ। चंद्र — माता, मन। शनि — पिता, पुरानी संपत्ति।

मजबूत संपत्ति योग

4थे भाव में शुभ ग्रह। 4थे का स्वामी बलवान। 8वें भाव से 11वें भाव का संबंध (विरासत-लाभ)। मंगल का 4थे में होना (भूमि)।

संपत्ति में विवाद के योग

4थे में पाप ग्रह (शनि, मंगल, राहु)। 4थे स्वामी 6/8/12 में। शनि-मंगल युति। राहु का 4थे/8वें में। पारिवारिक न्यायालयिक केस।

स्व-अर्जित संपत्ति

11वां भाव और लग्नेश के बल पर। 2रा भाव (धन) और 11वें भाव का संबंध। शुक्र-गुरु का योग सुख-संपत्ति का।

संपत्ति विवाद के उपाय

हनुमान चालीसा। शनिवार दान। पारिवारिक कलह शांति के लिए शिव अभिषेक। 'श्री सूक्त' पाठ। 4थे भाव के स्वामी का रत्न।

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