प्रॉपर्टी कुंडली के 4थे भाव (घर/संपत्ति), 8वें (विरासत), 11वें (लाभ) भाव से देखी जाती है।...
प्रॉपर्टी कुंडली के 4थे भाव (घर/संपत्ति), 8वें (विरासत), 11वें (लाभ) भाव से देखी जाती है।
4था भाव — स्थायी संपत्ति। मंगल — भूमि कारक। शुक्र — विलासी घर। 4थे का स्वामी। राहु — विदेशी संपत्ति।
4थे भाव में मंगल या शुक्र। 4थे का स्वामी बलवान। मंगल-शुक्र युति। 11वें भाव से 4थे का संबंध।
4थे स्वामी की दशा। मंगल की दशा (भूमि के लिए)। शुक्र की दशा (घर)। 8वें स्वामी की दशा (विरासत)।
10वें-11वें भाव से स्वयं अर्जित। 4थे-8वें से पैतृक। दोनों के संयोजन से कई प्रॉपर्टी।
मंगलवार हनुमान पूजा। शुक्रवार लक्ष्मी पूजा। वास्तु अनुसार घर। गृह प्रवेश शुभ मुहूर्त। पीली मिट्टी से प्रॉपर्टी कोने में।