पुनर्जन्म — हिंदू धर्म का मूल सिद्धांत। कुंडली में 8वें, 12वें भाव, केतु से मोक्ष या पुनर्जन्म के संकेत।...
पुनर्जन्म — हिंदू धर्म का मूल सिद्धांत। कुंडली में 8वें, 12वें भाव, केतु से मोक्ष या पुनर्जन्म के संकेत।
हिंदू दर्शन के अनुसार — जब तक मोक्ष नहीं, तब तक पुनर्जन्म। कर्मों के आधार पर अगला जन्म। ज्योतिष कर्म पैटर्न दिखाता है।
12वें भाव में केतु। 9वें भाव में बलवान गुरु। आध्यात्मिक ग्रहों का बल। राहु-केतु अक्ष पर ध्यान। 5वें भाव में पुण्य कर्म।
5वें भाव (पूर्व जन्म पुण्य) कमजोर। 12वें भाव में पाप ग्रह। अधिक कर्म बकाया। संसार के प्रति आसक्ति।
बच्चों में पूर्व जन्म की यादें (3-5 साल तक)। विशिष्ट प्रतिभा (कलाकार/संगीतकार)। अज्ञात स्थान/व्यक्ति का परिचित लगना।
नित्य ध्यान, सत्संग, गुरु सेवा। गीता पाठ। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र। दान-पुण्य। संत समागम। निष्काम कर्म।