सरकारी नौकरी का योग कुंडली के 10वें भाव (कर्म), सूर्य (अधिकार), शनि (सेवा), और संबंधित दशाओं से देखा जाता है।...
सरकारी नौकरी का योग कुंडली के 10वें भाव (कर्म), सूर्य (अधिकार), शनि (सेवा), और संबंधित दशाओं से देखा जाता है।
10वें भाव में सूर्य — सरकारी सम्मान। सूर्य का बलवान होना। 6वें भाव में शनि — स्थायी नौकरी। 10वें स्वामी और सूर्य का संबंध।
केंद्र (1, 4, 7, 10) में सूर्य। राज योग — केंद्र और त्रिकोण स्वामियों का संबंध। बुधादित्य योग — IAS/IPS। शनि-सूर्य योग — प्रशासन।
सूर्य की महादशा/अंतर्दशा। 10वें स्वामी की दशा। शनि की दशा (स्थायी)। 6वें स्वामी की दशा। बृहस्पति का 10वें/लग्न पर गोचर।
सूर्य — प्रशासनिक। मंगल — पुलिस, सेना। बुध — संचार, वित्त। शनि — रेलवे, खान। शुक्र — सरकारी सांस्कृतिक विभाग। चंद्र — स्वास्थ्य विभाग।
रोज सूर्य को अर्घ्य। आदित्य हृदय स्तोत्र। 'ॐ सूर्याय नमः' 108 बार। माणिक रत्न (कुंडली अनुसार)। तांबे का दान। शनिवार सेवा।
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