सूर्य — आत्मा, पिता, राजा, सत्ता का कारक। ग्रहों का राजा। कुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्तित्व, करियर तय करती है।...
सूर्य — आत्मा, पिता, राजा, सत्ता का कारक। ग्रहों का राजा। कुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्तित्व, करियर तय करती है।
क्रूर ग्रह लेकिन शुभ। आत्मा कारक। पिता कारक। सरकार, अधिकार। हृदय, आंखें। आत्मविश्वास। नेतृत्व।
उच्च मेष (Aries) में। केंद्र (1, 4, 10) में। 9वें-11वें भाव में। अपनी राशि सिंह में। दिग्बल (10वें भाव)।
नीच तुला (Libra) में। 6/8/12 भाव में। पाप ग्रह संग। अस्त। शनि-राहु से दृष्ट। पीड़ित।
अच्छा — सरकारी सम्मान, आत्मविश्वास, स्वस्थ हृदय, पिता का प्रेम, राजसी जीवन। बुरा — पिता से विवाद, अहंकार, स्वास्थ्य समस्या।
रोज सूर्य को जल अर्घ्य। आदित्य हृदय स्तोत्र। रविवार व्रत। माणिक रत्न (कुंडली अनुसार)। तांबे का दान। 'ॐ सूर्याय नमः'।