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विदेश में नौकरी

विदेश में नौकरी का योग कुंडली के 12वें भाव (विदेश), 10वें भाव (कर्म), और राहु की स्थिति से देखा जाता है।...

विदेश में नौकरी का योग कुंडली के 12वें भाव (विदेश), 10वें भाव (कर्म), और राहु की स्थिति से देखा जाता है।

विदेश नौकरी के मुख्य योग

10वें स्वामी का 12वें भाव में होना। 9वें-10वें-12वें भाव स्वामियों का संबंध। राहु का 10वें/12वें में बलवान। चंद्र-राहु का योग। बुध-राहु (IT)।

देश का संकेत

राहु की दिशा से देश का अनुमान। 12वें भाव की राशि से क्षेत्र। मकर/कुंभ (US/Canada), वृश्चिक (Australia), कन्या/मीन (UK/Europe)।

कब मिलेगी विदेश नौकरी

12वें भाव में स्थित ग्रह की दशा। राहु महादशा। 10वें स्वामी और 12वें स्वामी की अंतर्दशा। राहु का गोचर 10वें भाव में।

किस प्रकार की नौकरी

बुध-राहु: IT, सॉफ्टवेयर। मंगल-राहु: इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन। शुक्र-राहु: ग्लैमर, होटल। गुरु-राहु: शिक्षा, फाइनेंस। चंद्र-राहु: समुद्री।

विदेश नौकरी के उपाय

गणेश पूजा। राहु शांति: 'ॐ रां राहवे नमः'। शनिवार राहु यंत्र। सरस्वती पूजा। नीला/काला तिल दान। शिक्षा निरंतर बढ़ाना।

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