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व्यापार में सफलता

व्यापार की सफलता कुंडली के 7वें भाव (व्यापार/साझेदारी), 11वें (लाभ), 2रा (धन), बुध (व्यापार ग्रह), शुक्र-गुरु से देखी जा...

व्यापार की सफलता कुंडली के 7वें भाव (व्यापार/साझेदारी), 11वें (लाभ), 2रा (धन), बुध (व्यापार ग्रह), शुक्र-गुरु से देखी जाती है।

व्यापार के मुख्य योग

7वें भाव में शुभ ग्रह। 11वें भाव बलवान। बुध-शुक्र युति। 7वें-11वें-2रे भाव स्वामियों का संबंध। राज योग, धन योग।

कौन सा व्यापार

बुध — संचार, मीडिया, स्टेशनरी। शुक्र — फैशन, सौंदर्य, कला। मंगल — रियल एस्टेट, मशीन। चंद्र — रेस्टोरेंट, होटल। गुरु — शिक्षा, मार्गदर्शन। शनि — पुराने सामान, कंस्ट्रक्शन।

व्यापार में बाधाएं

7वें भाव में शनि-मंगल — विवाद। राहु — धोखाधड़ी। 11वें भाव में पाप ग्रह — लाभ बाधा। 6वें भाव में अधिक ग्रह — ऋण समस्या।

नौकरी या व्यापार

10वें भाव बलवान — नौकरी। 7वें-11वें भाव बलवान — व्यापार। राहु प्रबल — स्वतंत्र व्यापार। शनि प्रबल — स्थायी नौकरी।

व्यापार सफलता के उपाय

मां लक्ष्मी पूजा। गणेश पूजा (विघ्नहर्ता)। श्री यंत्र। 'ॐ श्रीं श्रीये नमः'। बुधवार-शुक्रवार दान। तुलसी पूजा। ईमानदारी का व्यवहार।

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